मध्य पूर्व में चल रहे ईरान और इजरायल-अमेरिका संघर्ष के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। दुनिया भर के कई देश शांति की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच इजरायल ने आने वाले तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली सेना ने अगले 21 दिनों में ईरान के करीब 1,000 ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही युद्ध से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए आपातकालीन बजट को भी मंजूरी दे दी गई है।
21 दिन में 1,000 ठिकानों पर हमले की योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली सेना ने ईरान में कम से कम तीन हफ्तों तक सैन्य कार्रवाई जारी रखने का प्लान तैयार किया है। इस दौरान ईरान के सैन्य ठिकानों, रणनीतिक ठिकानों और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस अभियान में करीब एक हजार से अधिक टारगेट को चिन्हित किया गया है। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करने के लिए की जाएगी।
आपातकालीन बजट को मिली मंजूरी

युद्ध की स्थिति को देखते हुए इजरायल सरकार ने लगभग 827 मिलियन डॉलर के आपातकालीन बजट को मंजूरी दी है। इस बजट का इस्तेमाल सैन्य उपकरणों की खरीद, रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और सेना की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे सैन्य अभियान की तैयारी का संकेत देता है।
ईरान ने दागीं 250 बैलिस्टिक मिसाइलें
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से 13 मार्च तक ईरान ने इजरायल पर करीब 250 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ड्रोन हमले भी किए गए हैं। इन हमलों में इजरायल में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई जगहों पर इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
ईरान में भारी तबाही, हजार से ज्यादा मौतें

अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर बमबारी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक स्कूल पर हुए हमले में लगभग 160 बच्चियों की मौत होने की भी खबर सामने आई है। इसके अलावा कई शहरों में इमारतों और महत्वपूर्ण ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक माना जाता है। इस रास्ते का इस्तेमाल पश्चिम एशिया के कई बड़े तेल उत्पादक देश करते हैं। इसके बंद होने से भारत समेत दुनिया के कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
समुद्री यातायात लगभग ठप
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के बीच स्थित है। मौजूदा हालात के कारण यहां समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है।अमेरिकी नेतृत्व ने इस समुद्री गलियारे को सुरक्षित रखने का दावा किया था, लेकिन अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।